शरीर में तकलीफ़, पर सारे टेस्ट नॉर्मल

तनाव और भावनाएँ असली शारीरिक लक्षण पैदा कर सकती हैं। जब बार-बार टेस्ट नॉर्मल आएँ, तो मनोचिकित्सा से राहत मिल सकती है।

दर्द असली है — 'मन का वहम' नहीं। इलाज इस बात पर काम करता है कि दिमाग़ संकेतों को कैसे समझता है।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry

आम लक्षण

  • बदन दर्द, सिरदर्द, हाथ-पैरों में जलन
  • गैस, एसिडिटी, पेट भारी लगना
  • कमज़ोरी, थकान, 'नसें कमज़ोर' लगना
  • किसी गंभीर बीमारी का लगातार डर
  • कई डॉक्टरों के चक्कर और टेस्ट जो नॉर्मल आएँ

कारण

  • तनाव, घबराहट या डिप्रेशन का शरीर के ज़रिये दिखना
  • दर्द के रास्तों की संवेदनशीलता बढ़ना
  • पहले की बीमारी या परिवार में किसी की गंभीर बीमारी

जोखिम बढ़ाने वाली बातें

  • लगातार तनाव, घबराहट या डिप्रेशन
  • पहले गंभीर बीमारी या बहुत सारी मेडिकल जाँचें
  • भावनाओं को शब्दों में कहने में मुश्किल

निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है

  • पुरानी रिपोर्ट देखना ताकि शारीरिक बीमारी को ठीक से अलग किया जा सके
  • समझना कि लक्षणों से कितना समय, चिंता और काम में रुकावट होती है
  • शारीरिक लक्षणों का बोझ मापने के लिए PHQ-15 प्रश्नावली

वर्गीकरण: ICD-10 F45 · ICD-11 6C20ICD-11 में इसे "बॉडिली डिस्ट्रेस डिसऑर्डर" कहा गया है।

इलाज के विकल्प

  1. 1रिपोर्टों की ध्यान से समीक्षा — बेवजह बार-बार टेस्ट से बचाव
  2. 2दर्द की संवेदनशीलता और घबराहट कम करने वाली दवाएँ
  3. 3मन-शरीर चक्र के लिए CBT और रिलैक्सेशन
  4. 4धीरे-धीरे बढ़ती गतिविधि और व्यायाम

साइकोथेरेपी और काउंसलिंग

  • लक्षणों पर ध्यान, बार-बार जाँच और गतिविधि से बचना कम करने के लिए CBT
  • धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना और तनाव संभालने के तरीके

परिवार के लिए मार्गदर्शन

  • मानें कि लक्षण असली हैं; "सब दिमाग़ में है" न कहें
  • बहुत सारे अस्पतालों के बजाय एक नियमित डॉक्टर के साथ रहने में मदद करें

मनोचिकित्सक से कब मिलें

  • टेस्ट नॉर्मल होने पर भी लक्षण बने रहें
  • बीमारी की चिंता रोज़ की ज़िंदगी पर हावी हो
  • दर्द की दवाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा हो

ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।

निःशुल्क स्व-जाँच

हिंदी या अंग्रेज़ी में छोटी जाँच। पूरी तरह निजी — कुछ भी सेव नहीं होता। स्क्रीनिंग से निदान नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा दर्द असली है — मनोचिकित्सक के पास क्यों जाएँ?

क्योंकि दर्द कैसे महसूस होगा यह दिमाग़ तय करता है। तनाव और दर्द के रास्तों का इलाज करने से असली दर्द कम होता है।

क्या और टेस्ट कराने होंगे?

सिर्फ़ ज़रूरत हो तो। पहले आपकी मौजूदा रिपोर्ट देखी जाती हैं।

क्या यही 'नसों की कमज़ोरी' है?

'नसों की कमज़ोरी' अक्सर घबराहट और थकान को कहा जाता है। इसका इलाज संभव है।

मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।

यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।