डिसोसिएटिव (विघटनकारी) विकार

डिसोसिएशन में दिमाग़ कुछ समय के लिए होश, याददाश्त, हिलने-डुलने या पहचान से 'कट' जाता है — आमतौर पर बहुत ज़्यादा तनाव या झगड़े की प्रतिक्रिया में। व्यक्ति नाटक नहीं कर रहा होता।

भारत में इन दौरों को अक्सर भूत-प्रेत या 'ऊपरी हवा' से जोड़ा जाता है। वैज्ञानिक इलाज से ये रुक जाते हैं।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry

आम लक्षण

  • तनाव के समय दौरे या बेसुध हो जाना
  • ट्रांस या 'भाव आना' जैसी अवस्था
  • अचानक आवाज़, देखने, चलने-फिरने या महसूस करने की क्षमता चली जाना
  • तनाव वाली घटनाओं की याद न रहना
  • अपने आप या आसपास से अलग महसूस करना

कारण

  • अचानक तनाव, पारिवारिक झगड़ा, परीक्षा या शादी का दबाव
  • पुराना सदमा या दुर्व्यवहार
  • परेशानी शब्दों में न कह पाना

जोखिम बढ़ाने वाली बातें

  • गंभीर तनाव, कलह या आघात, ख़ासकर जब उसके बारे में बात करना मुश्किल हो
  • पहले भी ऐसे "दौरे" पड़ना
  • डिप्रेशन या घबराहट

निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है

  • मरीज़ और दौरे देखने वाले परिवार के सदस्य से ध्यान से पूरा इतिहास
  • न्यूरोलॉजिकल जाँच और ज़रूरत हो तो EEG या ब्रेन इमेजिंग, ताकि मिर्गी व दूसरी वजहें अलग हों
  • शुरुआत के समय के तनावों को समझना, मरीज़ को दोष दिए बिना

वर्गीकरण: ICD-10 F44 · ICD-11 6B60–6B6Zडिसोसिएटिव विकार (ICD-11 में डिसोसिएटिव न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम डिसऑर्डर 6B60 भी शामिल है)।

इलाज के विकल्प

  1. 1मिर्गी और दूसरी शारीरिक वजहों को अलग करने के लिए सावधान जाँच
  2. 2मरीज़ और परिवार को बिना दोष दिए बीमारी समझाना
  3. 3तनाव सुलझाने और भावनाएँ व्यक्त करने के लिए साइकोथेरेपी
  4. 4परिवार काउंसलिंग — दौरे के समय शांत प्रतिक्रिया, ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान नहीं
  5. 5साथ में डिप्रेशन या घबराहट का इलाज

साइकोथेरेपी और काउंसलिंग

  • समझाना: लक्षण असली हैं, "नाटक" नहीं, और ठीक हो सकते हैं
  • CBT और तनाव संभालने के तरीके; ज़रूरत हो तो ट्रॉमा-केंद्रित थेरेपी
  • कलह कम करने और दौरों को बढ़ावा न देने के लिए परिवार के साथ सत्र

परिवार के लिए मार्गदर्शन

  • दौरे के समय व्यक्ति को सुरक्षित रखें, शांत रहें और भीड़ न लगाएँ
  • न डाँटें, न ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान दें; शांत और सामान्य तरीके से प्रतिक्रिया दें
  • डॉक्टरी इलाज के बजाय झाड़-फूँक के पास न ले जाएँ; इससे ठीक होने में देर होती है

मनोचिकित्सक से कब मिलें

  • बार-बार दौरे, ख़ासकर तनाव में
  • पहली बार दौरा — डॉक्टरी जाँच ज़रूरी
  • ख़ुद को नुकसान या ख़तरे वाले दौरे

ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या व्यक्ति नाटक करता है?

नहीं। डिसोसिएटिव लक्षण तनाव पर अनैच्छिक प्रतिक्रिया हैं।

क्या इसमें मिर्गी की दवा चाहिए?

आमतौर पर नहीं — और बेवजह की मिर्गी की दवाओं की समीक्षा होनी चाहिए। कुछ लोगों में दोनों होते हैं, इसलिए जाँच ज़रूरी है।

दौरे के समय परिवार क्या करे?

व्यक्ति को सुरक्षित रखें, शांत रहें, भीड़ न लगाएँ, और बाद में शांत होने पर तनाव के बारे में बात करें।

मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।

यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।