हेल्थ एंग्ज़ायटी — गंभीर बीमारी होने का लगातार डर

हेल्थ एंग्ज़ायटी में शरीर के सामान्य संकेतों को गंभीर बीमारी का लक्षण समझ लिया जाता है। तसल्ली थोड़े समय ही काम करती है, फिर चिंता लौट आती है।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry

आम लक्षण

  • गंभीर बीमारी होने का लगातार डर
  • बार-बार शरीर, नब्ज़ या BP चेक करना
  • बार-बार डॉक्टर और टेस्ट
  • घंटों इंटरनेट पर लक्षण खोजना
  • नॉर्मल रिपोर्ट से थोड़ी राहत, फिर से शक

कारण

  • किसी अपने की बीमारी या मौत
  • चिंतित स्वभाव, OCD जैसा शक
  • इंटरनेट की भ्रामक स्वास्थ्य जानकारी

जोखिम बढ़ाने वाली बातें

  • पहले अपनी या किसी क़रीबी की गंभीर बीमारी
  • बार-बार इंटरनेट पर लक्षण खोजना
  • आम घबराहट या डिप्रेशन

निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है

  • जाँच सामान्य होने और डॉक्टर के समझाने के बाद भी गंभीर बीमारी होने का लगातार डर
  • बार-बार शरीर जाँचना, टेस्ट या डॉक्टर के पास जाना — या डॉक्टर से बिल्कुल बचना
  • आपके फ़िज़िशियन से तालमेल, ताकि असली शारीरिक समस्या न छूटे

वर्गीकरण: ICD-10 F45.2 · ICD-11 6B23हाइपोकॉन्ड्रिएसिस / स्वास्थ्य की चिंता का विकार।

इलाज के विकल्प

  1. 1रिपोर्टों की एक बार समन्वित समीक्षा — टेस्टों का चक्र रोकना
  2. 2बीमारी की चिंता के लिए CBT, चेक करने और तसल्ली माँगने में कमी
  3. 3चिंता गंभीर हो तो एंटीडिप्रेसेंट दवाएँ
  4. 4साथ में डिप्रेशन या OCD का इलाज

साइकोथेरेपी और काउंसलिंग

  • स्वास्थ्य चिंता के लिए CBT: बार-बार जाँचना, तसल्ली माँगना और ऑनलाइन खोज कम करना
  • शरीर की सामान्य संवेदनाओं को समझना और ध्यान से वे कैसे बढ़ जाती हैं

परिवार के लिए मार्गदर्शन

  • बार-बार तसल्ली देना नरमी से सीमित करें; इसके बजाय डॉक्टर के साथ योजना तय करें
  • लक्षणों की इंटरनेट खोज में साथ न दें

मनोचिकित्सक से कब मिलें

  • बीमारी की चिंता में दिन के घंटों बीत जाएँ
  • कई नॉर्मल टेस्ट के बाद भी तसल्ली न हो
  • परिवार या काम पर असर

ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।

निःशुल्क स्व-जाँच

हिंदी या अंग्रेज़ी में छोटी जाँच। पूरी तरह निजी — कुछ भी सेव नहीं होता। स्क्रीनिंग से निदान नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगर सच में कुछ गड़बड़ हो तो?

आपकी रिपोर्ट ध्यान से देखी जाती हैं और नए लक्षणों की हमेशा सही जाँच होती है। मक़सद सही जाँच है, अनदेखी नहीं।

क्या इंटरनेट पर लक्षण खोजना बंद करूँ?

खोजना कम करना इलाज का ज़रूरी हिस्सा है, जो धीरे-धीरे किया जाता है।

क्या यह और सोमैटिक सिम्पटम डिसऑर्डर एक ही हैं?

दोनों मिलते-जुलते हैं। हेल्थ एंग्ज़ायटी में बीमारी का डर मुख्य है; सोमैटिक में शरीर के तकलीफ़देह लक्षण।

मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।

यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।