नींद न आना (अनिद्रा) और नींद की दूसरी समस्याएँ

ख़राब नींद अक्सर तनाव, घबराहट, डिप्रेशन या नशे का संकेत होती है — और इन्हें बढ़ाती भी है।

नींद की गोलियाँ लंबे समय तक लेने से उनकी लत लग सकती है। बेहतर विकल्प मौजूद हैं।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry

आम लक्षण

  • नींद आने में 30 मिनट से ज़्यादा लगना
  • बार-बार या बहुत जल्दी नींद खुल जाना
  • सुबह ताज़गी न लगना, दिन में नींद आना
  • हर रात नींद की गोली की ज़रूरत
  • तेज़ खर्राटे और साँस रुकना (जाँच ज़रूरी)
  • पैरों में बेचैनी या नींद में असामान्य व्यवहार

कारण

  • तनाव, चिंता, डिप्रेशन या घबराहट
  • देर रात मोबाइल, अनियमित दिनचर्या, नाइट शिफ़्ट
  • चाय/कॉफ़ी, शराब, तंबाकू और कुछ दवाएँ
  • दर्द, थायरॉइड, स्लीप एप्निया और दूसरी शारीरिक समस्याएँ

जोखिम बढ़ाने वाली बातें

  • तनाव, घबराहट और डिप्रेशन
  • अनियमित शिफ़्ट, रात की ड्यूटी या देर रात तक स्क्रीन
  • शराब, निकोटिन, कैफ़ीन और कुछ दवाएँ
  • दर्द, साँस की परेशानी, रात में बार-बार पेशाब

निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है

  • नींद का इतिहास और 1–2 हफ़्ते की स्लीप डायरी
  • साँस रुकने वाले खर्राटों (स्लीप एपनिया) और बेचैन पैरों के बारे में पूछना
  • स्लीप एपनिया या नार्कोलेप्सी का शक हो तो स्लीप स्टडी के लिए भेजना

वर्गीकरण: ICD-10 F51, G47 · ICD-11 7A00–7B2ZICD-11 में नींद-जागने के विकार अलग अध्याय (अध्याय 7) में हैं।

इलाज के विकल्प

  1. 1असली वजह ढूँढकर उसका इलाज
  2. 2अनिद्रा के लिए CBT (CBT-I): नींद का समय और आदतें — पहला इलाज
  3. 3ज़रूरत पर लत न लगाने वाली दवाएँ
  4. 4नींद की गोलियों पर निर्भर लोगों के लिए धीरे-धीरे सुरक्षित कमी
  5. 5एप्निया का शक हो तो स्लीप स्टडी के लिए रेफ़र

साइकोथेरेपी और काउंसलिंग

  • अनिद्रा के लिए CBT (CBT-I): तय समय पर उठना, नींद का शेड्यूल और नींद की चिंता बदलना
  • रिलैक्सेशन और स्टिमुलस कंट्रोल (बिस्तर सिर्फ़ सोने के लिए)

परिवार के लिए मार्गदर्शन

  • रात में कमरा अँधेरा, शांत और टीवी-फ़ोन से मुक्त रखें
  • बिना पर्चे नींद की गोलियाँ न दें, न ख़रीदें

मनोचिकित्सक से कब मिलें

  • एक महीने से ज़्यादा नींद की परेशानी
  • दिन की थकान से काम या ड्राइविंग पर असर
  • गोली या शराब के बिना नींद न आए

ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।

निःशुल्क स्व-जाँच

हिंदी या अंग्रेज़ी में छोटी जाँच। पूरी तरह निजी — कुछ भी सेव नहीं होता। स्क्रीनिंग से निदान नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नींद की गोलियाँ सुरक्षित हैं?

डॉक्टर की निगरानी में थोड़े समय तक ठीक है; लंबे समय तक लेने से लत, याददाश्त की कमी और बुज़ुर्गों में गिरने का ख़तरा होता है।

बड़ों को कितने घंटे की नींद चाहिए?

ज़्यादातर बड़ों को 7–8 घंटे चाहिए, पर सही संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है कि सुबह ताज़गी लगे।

कौन सी आसान आदतें मदद करती हैं?

उठने का तय समय, सोने से 1 घंटा पहले स्क्रीन बंद, शाम के बाद चाय/कॉफ़ी नहीं, और देर तक नींद न आए तो बिस्तर छोड़ दें।

मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।

यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।