मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट की लत

ऐप्स इस तरह बनाए जाते हैं कि हम स्क्रॉल करते रहें। जब इस्तेमाल काबू से बाहर हो और नींद, पढ़ाई, काम या रिश्तों को नुकसान पहुँचाए, तो ध्यान देना ज़रूरी है।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry

आम लक्षण

  • देर रात तक फ़ोन चलाना
  • फ़ोन लेने पर गुस्सा या घबराहट
  • पढ़ाई में गिरावट, काम छूटना
  • परिवार, बाहर के खेल में रुचि कम
  • आँखों में तनाव, सिरदर्द, ग़लत मुद्रा

कारण

  • अकेलापन, तनाव, बोरियत
  • ADHD, घबराहट या डिप्रेशन
  • परिवार में स्क्रीन के नियम न होना

जोखिम बढ़ाने वाली बातें

  • अकेलापन, सामाजिक घबराहट, डिप्रेशन या ADHD
  • रात में बिना रोक-टोक फ़ोन

निर्भरता, छोड़ने पर बेचैनी और दोबारा शुरू होना

  • निर्भरता में संतुष्टि के लिए ज़्यादा स्क्रीन टाइम चाहिए होता है और कोशिश के बावजूद कम नहीं हो पाता।
  • शरीर पर ख़तरनाक असर नहीं होता, पर कम करने के पहले 1–2 हफ़्तों में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, उदासी और तेज़ तलब आम है।
  • रात में, ऊब या तनाव में दोबारा शुरू होना आम है। इन कारणों के लिए योजना बनाएँ और फिसलन को असफलता नहीं, सीख मानें।

निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है

  • लगने वाला समय, नियंत्रण खोना, और नींद, पढ़ाई, काम व रिश्तों पर असर
  • पीछे छिपी घबराहट, डिप्रेशन या ADHD की खोज

इलाज के विकल्प

  1. 1पीछे छिपे ADHD, घबराहट या डिप्रेशन की जाँच
  2. 2CBT और धीरे-धीरे डिजिटल इस्तेमाल की योजना (अचानक पाबंदी नहीं)
  3. 3परिवार के नियम: खाने और सोने के समय फ़ोन नहीं
  4. 4बिना स्क्रीन की गतिविधियाँ और नींद की दिनचर्या

साइकोथेरेपी और काउंसलिंग

  • क़दम-दर-क़दम कमी की योजना और दूसरी गतिविधियों के साथ CBT

परिवार के लिए मार्गदर्शन

  • पूरे परिवार के लिए बिना स्क्रीन के समय तय करें (खाना, रात 10 बजे के बाद)

मनोचिकित्सक से कब मिलें

  • इस्तेमाल से झगड़े, आक्रामकता या स्कूल जाने से इनकार
  • नींद पर बहुत असर
  • मूड बहुत ख़राब या ख़ुद को नुकसान की बात

ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या फ़ोन छीन लेना चाहिए?

अचानक पाबंदी से अक्सर झगड़ा होता है। तय, आपसी सहमति वाली कमी बेहतर काम करती है।

क्या यह सिर्फ़ बच्चों की समस्या है?

नहीं, बड़ों में भी आम है।

क्या इसका ऑनलाइन इलाज हो सकता है?

हाँ, ज़रूरत पर माता-पिता के सत्रों के साथ।

मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।

यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।