बहुत लोग तनाव के दौर में नींद की गोली शुरू करते हैं और सालों तक लेते रहते हैं। कुछ आम नींद की गोलियाँ (बेंज़ोडायज़ेपिन और मिलती-जुलती दवाएँ) समय के साथ असर खो देती हैं और लत बना देती हैं।
लंबे इस्तेमाल के ख़तरे
- उसी असर के लिए ज़्यादा डोज़
- याददाश्त की कमी और दिन में सुस्ती
- बुज़ुर्गों में गिरना और हड्डी टूटना
- शराब के साथ लेना ख़तरनाक
कैसे छोड़ें
लंबे इस्तेमाल के बाद अचानक बंद न करें — इससे नींद और बिगड़ सकती है, घबराहट और दौरे भी पड़ सकते हैं। डॉक्टर हफ़्तों में धीरे-धीरे कमी की योजना बनाएँगे और नींद ख़राब होने की असली वजह का इलाज करेंगे।
इससे बेहतर क्या है
अनिद्रा के लिए CBT — नींद के समय और आदतों का संरचित कार्यक्रम — पहला इलाज है और इसका असर लंबे समय तक रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रोज़ रात नींद की गोली लेना सुरक्षित है?
कई नींद की गोलियाँ सिर्फ़ थोड़े समय के लिए होती हैं। लंबे समय तक रोज़ लेने से लत लग सकती है; डॉक्टर से योजना बनाएँ।
लंबी अनिद्रा में गोलियों से बेहतर क्या है?
पुरानी अनिद्रा का पहला सुझाया गया इलाज CBT-I है और इसका फ़ायदा थेरेपी ख़त्म होने के बाद भी रहता है।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Behavioral and psychological treatments for chronic insomnia disorder in adults: an American Academy of Sleep Medicine clinical practice guideline. Journal of Clinical Sleep Medicine, 2021.
- mhGAP Intervention Guide for mental, neurological and substance use disorders in non-specialized health settings, version 2.0. World Health Organization, 2016.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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