ऑनलाइन/मोबाइल गेम की लत
गेमिंग डिसऑर्डर का मतलब है गेमिंग पर नियंत्रण खोना, उसे बाकी कामों से ऊपर रखना और नुकसान के बावजूद जारी रखना — आमतौर पर 12 महीने या ज़्यादा।
चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
आम लक्षण
- रोज़ कई घंटे, देर रात तक गेम
- स्कूल, कॉलेज या काम छोड़ना
- रोकने पर आक्रामकता
- गेम के अंदर ख़रीदारी पर पैसा ख़र्च
- लोगों से दूरी
कारण
- गेम के इनाम, दोस्तों से मुकाबला
- ADHD, सामाजिक घबराहट, अकेलापन
जोखिम बढ़ाने वाली बातें
- इनाम और गेम में ख़रीदारी वाले ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम
- ADHD, सामाजिक घबराहट, डिप्रेशन या धमकाया जाना
निर्भरता, छोड़ने पर बेचैनी और दोबारा शुरू होना
- गेमिंग पर निर्भरता का मतलब है कि नींद, पढ़ाई, खाना और परिवार से ज़्यादा गेमिंग प्राथमिक हो गया और नियंत्रण खो गया।
- बंद करने पर कुछ हफ़्ते ग़ुस्सा, बेचैनी, उदासी और नींद की दिक़्क़त आम है; अचानक रोक से ये बढ़ते हैं।
- दोबारा शुरुआत अक्सर परीक्षा, छुट्टियों या नए गेम आने पर होती है — पहले से रिलैप्स रोकथाम योजना तय करें।
निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है
- नियंत्रण में कमी, गेमिंग को बाक़ी कामों से ज़्यादा प्राथमिकता, नुकसान के बावजूद जारी — आमतौर पर 12 महीने से
वर्गीकरण: ICD-11 6C51गेमिंग डिसऑर्डर ICD-11 में शामिल है (ICD-10 में नहीं)।
इलाज के विकल्प
- 1CBT और प्रेरक बातचीत
- 2परिवार के साथ तय सीमाओं वाली योजना
- 3ADHD/घबराहट/डिप्रेशन हो तो उसका इलाज
- 4नींद, पढ़ाई और शारीरिक गतिविधि फिर से शुरू करना
साइकोथेरेपी और काउंसलिंग
- धीरे-धीरे सीमाओं वाली CBT और परिवार-आधारित योजना
परिवार के लिए मार्गदर्शन
- अचानक पूरी रोक या फ़ोन छीनने से बचें — इससे अक्सर आक्रामकता होती है
- गेमिंग का समय खेल, शौक या परिवार की गतिविधि से बदलें
मनोचिकित्सक से कब मिलें
- गेमिंग से हिंसा या चोरी
- स्कूल जाने से इनकार या परीक्षा में फ़ेल
- नींद उलट गई (रात भर जागना)
ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।
निःशुल्क स्व-जाँच
हिंदी या अंग्रेज़ी में छोटी जाँच। पूरी तरह निजी — कुछ भी सेव नहीं होता। स्क्रीनिंग से निदान नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हर गेम खेलने वाला लती है?
नहीं। समस्या तब है जब नियंत्रण खो जाए और ज़िंदगी पर नुकसान हो।
इलाज में कितना समय लगता है?
आमतौर पर परिवार के साथ कुछ महीने नियमित सत्र।
मरीज़ इलाज के लिए मना करता है। क्या परिवार पहले परामर्श ले सकता है?
हाँ। परिवार परामर्श लेकर सीख सकता है कि बिना झगड़े मरीज़ को कैसे प्रेरित करें (CRAFT तरीका) और विदड्रॉल को सुरक्षित कैसे संभालें।
मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।
अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।
यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।
