कुछ दिन ज़्यादा ख़ुश और कुछ दिन उदास रहना ज़िंदगी का हिस्सा है। चिंता तब होती है जब मूड के उतार-चढ़ाव तीव्र, बार-बार या रिश्तों व काम को नुकसान पहुँचाने वाले हों।
अलग कारणों का इलाज अलग होता है, इसलिए जाँच ज़रूरी है।
मुख्य बातें
- पैटर्न अहम है: घंटे, दिन या हफ़्ते
- ट्रिगर अहम हैं: तनाव, माहवारी, शराब, नींद की कमी
- मूड डायरी निदान में मदद करती है
लक्षण और संकेत
- उदासी के दिनों के बाद असामान्य ऊर्जा वाले दिन
- घंटों के अंदर तेज़ ग़ुस्सा या भावनात्मक प्रतिक्रिया
- माहवारी से पहले के हफ़्ते में मूड बदलना
कारण
- बाइपोलर स्पेक्ट्रम या साइक्लोथाइमिया
- व्यक्तित्व या आघात से जुड़ी भावनात्मक अस्थिरता
- हार्मोन, थायरॉइड या नशे से जुड़े कारण
जोखिम कारक
- परिवार में मूड की बीमारियाँ
- अनियमित नींद और शिफ़्ट में काम
- शराब या गांजा
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- 4 हफ़्ते तक मूड, नींद, माहवारी और नशा लिखें
- नियमित नींद और खाना
- कारण के अनुसार इलाज: मूड स्टेबलाइज़र, DBT स्किल्स, हार्मोनल देखभाल
- शराब और कैफ़ीन कम करें
विशेषज्ञ से कब मिलें
- उतार-चढ़ाव से काम, पढ़ाई या रिश्तों पर असर
- 'ऊँचे' दौर में जोखिम भरा व्यवहार
- ख़ुद को नुकसान या आत्महत्या का कोई भी विचार — आज ही टेली-मानस 14416 या 112 पर कॉल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मूड स्विंग्स बाइपोलर का संकेत हैं?
हमेशा नहीं। बाइपोलर के दौर आमतौर पर दिनों से हफ़्तों तक चलते हैं; पल-पल के बदलाव के दूसरे कारण होते हैं।
क्या थायरॉइड से मूड बदल सकता है?
हाँ। थायरॉइड ज़्यादा या कम होने दोनों से मूड प्रभावित हो सकता है; ख़ून की जाँच मदद करती है।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- ICD-11 for Mortality and Morbidity Statistics. World Health Organization.
- Bipolar disorder: assessment and management (CG185). NICE, UK, 2014.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
संबंधित लेख
संबंधित जानकारी
व्यक्तिगत सलाह चाहिए? गोपनीय परामर्श बुक करें।
