आत्महत्या के बारे में सोचने वाले ज़्यादातर लोग कुछ चेतावनी संकेत देते हैं।
दोस्त की परवाह भरी, बिना आँके प्रतिक्रिया जान बचा सकती है।
मुख्य बातें
- सीधे पूछें: 'क्या तुम अपनी ज़िंदगी ख़त्म करने के बारे में सोच रहे हो?'
- बोलने से ज़्यादा सुनें; बहस या उपदेश न दें
- जान ख़तरे में हो तो राज़ रखने का वादा न करें
लक्षण और संकेत
- मौत, बोझ होने या कोई रास्ता न होने की बात
- चीज़ें बाँटना या अलविदा कहना
- परेशानी के बाद अचानक शांति
कारण
- डिप्रेशन और अन्य मानसिक बीमारी
- रिश्ता टूटना, परीक्षा या आर्थिक संकट
- शराब या नशा
जोखिम कारक
- पहले का प्रयास
- कीटनाशक या दवाओं जैसे साधनों तक पहुँच
- अकेलापन
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- तुरंत ख़तरा हो तो उनके साथ रहें
- ख़ुद को नुकसान के साधन हटाएँ या बंद करें
- साथ में Tele-MANAS 14416 पर कॉल करें या इमरजेंसी में 112
- परामर्श बुक कराने में मदद करें और बाद में हालचाल लें
विशेषज्ञ से कब मिलें
- आत्महत्या या ख़ुद को नुकसान के विचार — अभी Tele-MANAS 14416 या 112 पर कॉल करें
- योजना या साधन तैयार — अभी इमरजेंसी जाएँ
- गोपनीय जाँच के लिए ऑनलाइन परामर्श बुक कर सकते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आत्महत्या के बारे में पूछने से ख़तरा बढ़ता है?
नहीं। सीधे पूछने से परेशानी घटती है और मदद का रास्ता खुलता है।
अगर वे नाराज़ हो जाएँ तो?
शांत रहें, परवाह जताएँ और रास्ता खुला रखें; दोस्ती के आराम से ज़्यादा उनकी सुरक्षा मायने रखती है।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Suicide — fact sheet. World Health Organization.
- Tele-MANAS — National Tele Mental Health Programme. Ministry of Health and Family Welfare, Government of India.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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