बुज़ुर्गों में भूलने की बीमारी (डिमेंशिया)
उम्र के साथ थोड़ी भूल सामान्य है, पर डिमेंशिया रोज़ के कामकाज पर असर डालता है। डिप्रेशन, थायरॉइड, विटामिन B12 की कमी और दवाएँ भी याददाश्त कम कर सकती हैं — और इनका इलाज संभव है।
चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
आम लक्षण
- हाल की बातें भूलना, एक ही सवाल बार-बार
- जानी-पहचानी जगह पर रास्ता भटकना
- पैसे, खाना बनाने या दवाओं में गड़बड़
- स्वभाव में बदलाव, शक, चिड़चिड़ापन
- रात में भ्रम या भटकना
- बुढ़ापे में उदासी और अकेलापन
कारण
- अल्ज़ाइमर, रक्त-नली (स्ट्रोक) से जुड़ा डिमेंशिया
- बुढ़ापे का डिप्रेशन ('स्यूडो-डिमेंशिया')
- थायरॉइड, B12 की कमी, संक्रमण, दवाओं के साइड-इफ़ेक्ट
- लंबे समय तक शराब या अफ़ीम
जोखिम बढ़ाने वाली बातें
- 65 वर्ष से ज़्यादा उम्र
- हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, धूम्रपान, बढ़ा कोलेस्ट्रॉल
- बिना इलाज के कम सुनना, शारीरिक निष्क्रियता, डिप्रेशन, अकेलापन
- सिर की चोट और ज़्यादा शराब
निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है
- याददाश्त और सोचने की जाँच; परिवार के सदस्य से इतिहास
- इलाज योग्य कारण खोजने के लिए ख़ून की जाँच (B12, थायरॉइड, शुगर) और ब्रेन इमेजिंग
- रोज़ के कामकाज और सुरक्षा का आकलन
वर्गीकरण: ICD-10 F00–F03 · ICD-11 6D80–6D8Zडिमेंशिया (कारण के अनुसार: अल्ज़ाइमर, वैस्कुलर, लेवी बॉडी, फ़्रंटोटेम्पोरल, अन्य)।
इलाज के विकल्प
- 1याददाश्त की जाँच और इलाज योग्य कारणों के लिए ख़ून की जाँच
- 2कुछ डिमेंशिया में गिरावट धीमी करने वाली दवाएँ
- 3डिप्रेशन, नींद और व्यवहार की समस्याओं का सुरक्षित इलाज
- 4देखभाल करने वालों का मार्गदर्शन: दिनचर्या, सुरक्षा, बातचीत
- 5सभी दवाओं की समीक्षा, नुकसानदायक दवाएँ कम करना
साइकोथेरेपी और काउंसलिंग
- कॉग्निटिव स्टिमुलेशन गतिविधियाँ
- देखभाल करने वालों को जानकारी और सहारा
परिवार के लिए मार्गदर्शन
- दिनचर्या सरल और घर सुरक्षित रखें (रोशनी, रेलिंग, गैस)
- क़ानूनी और आर्थिक मामले जल्दी तय करें, जब तक व्यक्ति भाग ले सकता है
मनोचिकित्सक से कब मिलें
- भूलने से रोज़ के कामों पर असर
- अचानक भ्रम — तुरंत डॉक्टरी जाँच (संक्रमण या डेलिरियम हो सकता है)
- देखभाल करने वाला थक चुका हो
ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भूलना बस बुढ़ापा है?
हमेशा नहीं। कुछ कारण ठीक हो सकते हैं, इसलिए जाँच ज़रूरी है।
क्या परिवार बुज़ुर्ग की ओर से परामर्श ले सकता है?
हाँ। परिवार की जानकारी बहुत ज़रूरी है; हो सके तो मरीज़ भी वीडियो कॉल में शामिल हों।
क्या बुढ़ापे में नींद की गोलियाँ सुरक्षित हैं?
कई गोलियाँ भ्रम और गिरने का ख़तरा बढ़ाती हैं। कोई भी नींद की दवा देने से पहले पूछें।
मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।
अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।
यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।
