WHO भारी काम, कम नियंत्रण और कम सहारे को कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के जोखिम मानता है।
बर्नआउट थकावट, उदासीनता और कम असर वाली काम से जुड़ी स्थिति है।
मुख्य बातें
- बर्नआउट और डिप्रेशन मिलते-जुलते हैं; डिप्रेशन को इलाज चाहिए
- MHCA 2017 के तहत आपकी स्वास्थ्य जानकारी गोपनीय है
- छोटी सीमाएँ लंबे समय के प्रदर्शन की रक्षा करती हैं
लक्षण और संकेत
- सोमवार से डर, थका हुआ महसूस करना
- चिड़चिड़ापन, ख़राब नींद, सिरदर्द
- ग़लतियाँ, टालमटोल, अलगाव
कारण
- ज़्यादा काम और लंबे घंटे
- टकराव, बुलिंग या अस्पष्ट भूमिका
- नौकरी की अनिश्चितता
जोखिम कारक
- हमेशा चालू ईमेल और मैसेज
- शिफ़्ट और सफ़र
- आराम के लिए शराब
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- तय ऑफ़लाइन घंटे और नियमित ब्रेक
- मैनेजर के साथ प्राथमिकताओं पर बात
- उपलब्ध हो तो कर्मचारी सहायता कार्यक्रम
- जल्दी सलाह लें; ऑनलाइन परामर्श काम के बाद भी हो सकता है
विशेषज्ञ से कब मिलें
- गोपनीय जाँच के लिए ऑनलाइन परामर्श बुक कर सकते हैं
- दो हफ़्ते से ज़्यादा उदासी, चिंता या नींद की समस्या
- आत्महत्या या ख़ुद को नुकसान के विचार — अभी Tele-MANAS 14416 या 112 पर कॉल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुझे नियोक्ता को अपने इलाज के बारे में बताना होगा?
आमतौर पर नहीं। वही बताएँ जो आप चाहें; चाहें तो मेडिकल सर्टिफ़िकेट में निदान का विवरण न हो।
क्या बर्नआउट मेडिकल निदान है?
ICD-11 में यह काम से जुड़ी स्थिति है, बीमारी नहीं; डिप्रेशन और चिंता की जाँच फिर भी ज़रूरी है।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Mental disorders — fact sheet. World Health Organization.
- The Mental Healthcare Act, 2017. Government of India.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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