ज़्यादातर मानसिक स्थितियों में नींद की समस्या होती है और अक्सर यह पहला संकेत होती है।
नींद सुधारने से मूड, ध्यान और रिकवरी बेहतर होती है।
मुख्य बातें
- अनिद्रा भविष्य के डिप्रेशन का जोखिम है
- नींद की कम ज़रूरत मेनिया का संकेत हो सकती है
- नींद में बदलाव दोबारा बीमारी की शुरुआती चेतावनी है
लक्षण और संकेत
- उदासी के साथ सुबह बहुत जल्दी जागना
- रात में चिंता से दिमाग़ व्यस्त रहना
- बहुत कम सोकर भी ऊर्जा से भरा महसूस करना
कारण
- तनाव हार्मोन और अति-सतर्कता
- मूड विकारों में दिमाग़ी रसायनों में बदलाव
- नशे का सेवन और छोड़ने के लक्षण
जोखिम कारक
- मूड विकारों का पारिवारिक इतिहास
- लंबा तनाव, शिफ़्ट ड्यूटी
- शराब, गांजा या उत्तेजक नशे का सेवन
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- मूल बीमारी और अनिद्रा दोनों का साथ इलाज
- साइकोथेरेपी के साथ CBT-I
- मूड स्थिर रखने के लिए नियमित दिनचर्या, ख़ासकर बाइपोलर में
- नींद को शुरुआती चेतावनी के रूप में ट्रैक करें
विशेषज्ञ से कब मिलें
- उदासी, चिंता या असामान्य व्यवहार के साथ नींद में बदलाव
- कई रातें बहुत कम नींद और बहुत ऊर्जा
- ख़ुद को नुकसान के विचार — तुरंत मदद लें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पहले नींद का इलाज करूँ या डिप्रेशन का?
दोनों साथ में। अनिद्रा का इलाज डिप्रेशन से रिकवरी भी तेज़ करता है।
क्या नींद की कमी से साइकोसिस हो सकता है?
गंभीर नींद की कमी संवेदनशील लोगों में मेनिया या साइकोसिस ला सकती है, इसलिए नींद की दिनचर्या बचाएँ।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Behavioral and psychological treatments for chronic insomnia disorder in adults: an American Academy of Sleep Medicine clinical practice guideline. Journal of Clinical Sleep Medicine, 2021.
- Depressive disorder (depression) — fact sheet. World Health Organization.
- Bipolar disorder: assessment and management (CG185). NICE, UK, 2014.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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