बुलिंग बार-बार, जानबूझकर नुकसान है — शारीरिक, शाब्दिक, सामाजिक या ऑनलाइन। बच्चे शर्म या डर से अक्सर इसे छिपाते हैं।
बुलिंग से घबराहट, डिप्रेशन और ख़ुद को नुकसान का ख़तरा बढ़ता है, इसलिए जल्दी क़दम ज़रूरी हैं।
मुख्य बातें
- यह कभी बच्चे की ग़लती नहीं
- सुनें, भरोसा करें और शांति से क़दम उठाएँ
- स्कूल की ज़िम्मेदारी है कि वह कार्रवाई करे
लक्षण और संकेत
- बिना वजह चोटें, सामान का नुकसान
- स्कूल जाने से हिचक; अचानक नंबर गिरना
- फ़ोन इस्तेमाल के बाद परेशान; अकाउंट डिलीट करना
कारण
- साथियों के बीच ताक़त का असंतुलन
- रूप, क्षमता, जाति, धर्म या पृष्ठभूमि में अंतर
- गुमनाम ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म
जोखिम कारक
- दिव्यांग या सीखने में कठिनाई वाले बच्चे
- सामाजिक अकेलापन
- बिना निगरानी के डिवाइस
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- खुले सवाल पूछें; घटनाओं और स्क्रीनशॉट का रिकॉर्ड रखें
- स्कूल से मिलें और लिखित कार्य योजना माँगें
- ब्लॉक और रिपोर्ट फ़ीचर; गंभीर ऑनलाइन उत्पीड़न की साइबर पुलिस में शिकायत
- भावनात्मक असर के लिए काउंसलिंग
विशेषज्ञ से कब मिलें
- ख़ुद को नुकसान या जीने की इच्छा न होने की बातें — तुरंत
- अलग-थलग रहना और लगातार उदासी
- बच्चे को शामिल करने से पहले माता-पिता चिंताओं पर बात करने के लिए पहले परामर्श बुक कर सकते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बुली करने वाले बच्चे के माता-पिता से संपर्क करूँ?
आमतौर पर स्कूल के ज़रिए जाना बेहतर है, जो निष्पक्ष रूप से सँभाल सकता है।
क्या बच्चे का फ़ोन ले लूँ?
यह सज़ा जैसा लग सकता है; इसके बजाय मिलकर सुरक्षित इस्तेमाल और रिपोर्ट करने के नियम तय करें।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Mental health of adolescents — fact sheet. World Health Organization.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
संबंधित लेख
संबंधित जानकारी
व्यक्तिगत सलाह चाहिए? गोपनीय परामर्श बुक करें।
