सपोर्टिव साइकोथेरेपी

सपोर्टिव थेरेपी पुराने अनुभवों में गहराई से जाने के बजाय सामना करने की क्षमता, आत्मसम्मान और समस्या सुलझाने को मज़बूत करती है।

लंबी बीमारियों में इसे अक्सर दवाओं के साथ जोड़ा जाता है।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry

किसे फ़ायदा हो सकता है

  • संकट, शोक या गंभीर शारीरिक बीमारी का सामना करने वाले
  • सिज़ोफ्रेनिया या बाइपोलर जैसी लंबी बीमारियाँ
  • बुज़ुर्ग और देखभाल करने वाले

सेशन कैसे होते हैं

  • सुनना, भरोसा देना और मार्गदर्शन
  • व्यावहारिक समस्या-समाधान और दिनचर्या मज़बूत करना
  • सेशन निजी वीडियो पर होते हैं; हिंदी या अंग्रेज़ी चुन सकते हैं

किन समस्याओं में प्रमाणित

  1. 1तालमेल की समस्याएँ, पुरानी बीमारी, गंभीर मानसिक बीमारी में संयुक्त देखभाल के हिस्से के रूप में

इस्तेमाल होने वाली तकनीकें

  • सहानुभूति से सुनना, जानकारी देना, सामना करने के कौशल

क्या यह मेरे लिए सही है?

  • कठिन दौर में आपको लगातार सहारे की ज़रूरत है

ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सेशन की फ़ीस क्या है?

साइकोथेरेपी: पहला सेशन ₹1500, आगे के सेशन ₹1000, ऑनलाइन। मनोचिकित्सा परामर्श (₹500) अलग है।

क्या थेरेपी दवाओं के साथ हो सकती है?

हाँ। कई बीमारियों में दोनों साथ अकेले से बेहतर काम करते हैं। मनोचिकित्सक तय करते हैं कि दवाओं की ज़रूरत है या नहीं।

कितने सेशन लगेंगे?

यह समस्या और आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है। हर कुछ सेशन में मिलकर प्रगति की समीक्षा होती है।

मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।

अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।

यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।