सिज़ोफ्रेनिया और साइकोसिस
साइकोसिस का मतलब है वास्तविकता से संपर्क टूटना — ऐसी आवाज़ें या चीज़ें महसूस होना जो दूसरों को न हों, या ग़लत बातों पर पक्का यक़ीन। सिज़ोफ्रेनिया इसकी एक वजह है; गंभीर डिप्रेशन, बाइपोलर और नशा भी वजह हो सकते हैं।
यह जादू-टोने या भूत-प्रेत से नहीं होता। जल्दी इलाज से सबसे अच्छा सुधार होता है।
चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
आम लक्षण
- ऐसी आवाज़ें सुनना या चीज़ें देखना जो दूसरों को न दिखें
- पक्का शक कि लोग साज़िश कर रहे हैं, ज़हर दे रहे हैं या पीछा कर रहे हैं
- खुद से बात करना, अकेले हँसना, बुदबुदाना
- बिखरी हुई बातें या व्यवहार
- सबसे कट जाना, अपनी देखभाल न करना, कम बोलना और भावनाएँ कम
- नींद की गड़बड़ी और कभी-कभी आक्रामकता
कारण
- दिमाग़ी रसायन (डोपामिन) और विकास से जुड़े कारण
- परिवार में इतिहास
- गांजा, चरस, उत्तेजक नशे और शराब छोड़ने के असर से साइकोसिस हो सकता है
- गंभीर तनाव, नींद की कमी, डिलीवरी के बाद
जोखिम बढ़ाने वाली बातें
- परिवार में मनोविकृति या सिज़ोफ्रेनिया
- गांजा, चरस, भांग का सेवन, ख़ासकर किशोरों में
- गंभीर तनाव या नींद की कमी
- कुछ शारीरिक बीमारियाँ और दवाएँ
निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है
- आवाज़ों, शक, अजीब विश्वास और व्यवहार में बदलाव के बारे में मरीज़ और परिवार से बातचीत
- शारीरिक जाँच और ख़ून की जाँच; ज़रूरत हो तो ब्रेन स्कैन या EEG
- नशे की जाँच, क्योंकि इससे मनोविकृति हो या बढ़ सकती है
वर्गीकरण: ICD-10 F20–F29 · ICD-11 6A20–6A2Zसिज़ोफ्रेनिया या दूसरे प्राथमिक मनोविकृति विकार (समूह)।
इलाज के विकल्प
- 1एंटीसाइकोटिक दवाएँ — गोलियाँ या महीने में एक बार लगने वाले इंजेक्शन
- 2परिवार की काउंसलिंग: बिना बहस के कैसे साथ दें
- 3पुनर्वास — दिनचर्या, कौशल, काम या पढ़ाई पर वापसी
- 4नियमित फॉलो-अप और साइड-इफ़ेक्ट की निगरानी
- 5खुद या दूसरों को ख़तरा हो तो अस्पताल में इलाज
साइकोथेरेपी और काउंसलिंग
- आवाज़ों और परेशान करने वाले विश्वासों से निपटने के लिए CBT
- बीमारी की जानकारी और दोबारा होने से बचाव की योजना
- काम या पढ़ाई के लिए सामाजिक कौशल और पुनर्वास
परिवार के लिए मार्गदर्शन
- शांत रहें और विश्वासों पर बहस न करें; व्यक्ति कैसा महसूस कर रहा है उस पर ध्यान दें
- दवा नियमित रखने में मदद करें; गोलियाँ छूटती हों तो महीने में एक बार के इंजेक्शन का विकल्प है
- जल्दी इलाज से सबसे अच्छा सुधार होता है — बिना प्रमाण के उपायों में देर न करें
मनोचिकित्सक से कब मिलें
- आवाज़ें सुनाई देना या कोई असामान्य पक्का विश्वास
- खाना या दवा से इनकार, कई दिन न सोना
- आक्रामकता या खुद/दूसरों को नुकसान की बात — तुरंत
ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मरीज़ डॉक्टर के पास जाने से मना करता है, क्या करें?
परिवार पहले खुद परामर्श लेकर तरीका तय कर सकता है। घर से ऑनलाइन परामर्श अक्सर मरीज़ के लिए ज़्यादा आसान होता है।
क्या सिज़ोफ्रेनिया ज़िंदगी भर रहता है?
कई लोग अच्छी तरह ठीक होते हैं; कुछ को डायबिटीज़ या BP की तरह लंबी दवा चाहिए। नियमित इलाज से काम और पारिवारिक जीवन संभव है।
क्या ये दवाएँ हमेशा नींद में रखती हैं?
नहीं। डोज़ ऐसी रखी जाती है कि व्यक्ति सजग और सक्रिय रहे। कोई भी साइड-इफ़ेक्ट डॉक्टर को बताएँ।
मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।
अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।
यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।
