हस्तमैथुन सामान्य और आम यौन व्यवहार है। भारत में बहुत से युवा मिथकों की वजह से इसे लेकर अपराधबोध और डर रखते हैं।
यह चिंता तभी बनता है जब बाध्यकारी हो या रोज़ की ज़िंदगी में बाधा डाले।
मुख्य बातें
- इससे शारीरिक कमज़ोरी या बाँझपन नहीं होता
- अपराधबोध और चिंता ख़ुद इस काम से ज़्यादा लक्षण पैदा करते हैं
- बाध्यकारी व्यवहार का इलाज होता है
लक्षण और संकेत
- हस्तमैथुन के बाद चिंता, अपराधबोध या डर
- अपराधबोध से जुड़ी थकान या उदासी
- चाहते हुए भी नियंत्रित न कर पाना
कारण
- दोस्तों, विज्ञापनों और झोलाछापों से मिथक
- तनाव, ऊब या अकेलापन
- पोर्नोग्राफ़ी के साथ बाध्यकारी पैटर्न
जोखिम कारक
- घबराहट और डिप्रेशन
- सही यौन शिक्षा की कमी
- देर रात बहुत ज़्यादा फ़ोन
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- अपराधबोध दूर करने के लिए सही जानकारी
- बाध्यकारी हो तो: ट्रिगर पहचानें, देर रात स्क्रीन सीमित करें, विकल्प तय करें
- बाध्यकारी यौन व्यवहार के लिए CBT
- घबराहट या डिप्रेशन का इलाज
विशेषज्ञ से कब मिलें
- पढ़ाई, काम या रिश्तों को नुकसान के बावजूद न रुक पाना
- लगातार अपराधबोध, उदासी या घबराहट
- हिंदी या अंग्रेज़ी में निजी वीडियो परामर्श उपलब्ध है; आप चाहें तो साथी भी जुड़ सकते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितना 'बहुत ज़्यादा' है?
कोई तय संख्या नहीं; समस्या तब है जब यह नियंत्रण से बाहर लगे या ज़िंदगी में बाधा डाले।
क्या इससे शादी पर असर होगा?
नहीं। इससे शादी में यौन क्षमता कम नहीं होती।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Clinical Practice Guidelines of the Indian Psychiatric Society. Indian Psychiatric Society / Indian Journal of Psychiatry.
- ICD-11 for Mortality and Morbidity Statistics. World Health Organization.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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