गांजा, चरस, भांग को अक्सर नुकसान रहित माना जाता है। कुछ युवाओं में, ख़ासकर रोज़ लेने वालों में, यह साइकोसिस शुरू कर सकता है।
जल्दी छोड़ने से भविष्य काफ़ी बेहतर होता है।
मुख्य बातें
- रोज़ इस्तेमाल, तेज़ रूप और कम उम्र में शुरुआत से ख़तरा ज़्यादा
- परिवार में साइकोसिस का इतिहास संवेदनशीलता बढ़ाता है
- साइकोसिस के बाद भी इस्तेमाल से सुधार बिगड़ता है
लक्षण और संकेत
- शक — लगना कि कोई देख रहा है या बात कर रहा है
- आवाज़ें सुनना, अजीब विश्वास
- अलग-थलग रहना, ख़राब नींद, पढ़ाई में गिरावट
कारण
- विकसित होते दिमाग़ के डोपामिन तंत्र पर THC का असर
- आनुवंशिक संवेदनशीलता
- तनाव और नींद की कमी
जोखिम कारक
- 18 से पहले शुरुआत
- चरस या दूसरे गाढ़े रूप
- दूसरे नशे के साथ
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- गांजा छोड़ें या कम करें — काउंसलिंग मदद करती है
- एंटीसाइकोटिक दवाओं से साइकोसिस का जल्दी इलाज
- परिवार को जानकारी और साथ
- नींद, घबराहट और डिप्रेशन का इलाज
विशेषज्ञ से कब मिलें
- नया शक या आवाज़ें सुनना — तुरंत
- रोज़ का इस्तेमाल न रुक पाना
- आक्रामकता या ख़ुद को ख़तरा — इमरजेंसी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गांजा लेने वाले हर व्यक्ति को साइकोसिस होता है?
नहीं, पर बार-बार, कम उम्र में और तेज़ रूप में लेने से ख़तरा साफ़ तौर पर ज़्यादा है, और कौन प्रभावित होगा यह पहले से कोई नहीं बता सकता।
छोड़ने पर क्या साइकोसिस चला जाएगा?
छोड़ने से बहुत मदद मिलती है, पर बहुत लोगों को कुछ समय डॉक्टरी इलाज भी चाहिए।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Psychosis and schizophrenia in adults: prevention and management (CG178). NICE, UK, 2014.
- Schizophrenia — fact sheet. World Health Organization.
- International Standards for the Treatment of Drug Use Disorders (revised edition). UNODC & World Health Organization, 2020.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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