परिवार अक्सर गुस्सा, शर्म और बेबसी महसूस करते हैं। अच्छी बात यह है कि परिवार का असली असर होता है — और CRAFT (कम्युनिटी रीइन्फ़ोर्समेंट एंड फ़ैमिली ट्रेनिंग) नाम का तरीका बहुत से परिवारों को अपने व्यक्ति को इलाज तक लाने में मदद करता है।
क्या मदद करता है
- जब व्यक्ति होश में हो, तब शांति से और कम शब्दों में बात करें
- बिना नशे वाले दिनों पर ध्यान दें और सराहें
- नतीजों पर पर्दा डालने के बजाय उन्हें होने दें
- शांत समय में, पहले से तैयार योजना के साथ इलाज का सुझाव दें
- अपनी सेहत का भी ध्यान रखें — ज़रूरत हो तो ख़ुद भी परामर्श लें
क्या अक्सर उल्टा पड़ता है
- नशे की हालत में बहस करना
- पैसे देना जो नशे पर ख़र्च हों
- खाने में चोरी-छिपे दवा मिलाना
- ठप्पा लगाना और सबके सामने शर्मिंदा करना
मरीज़ तैयार न हो, तब भी परिवार परामर्श बुक कर सकता है। मिलकर हम सुरक्षित अगला कदम तय कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रिश्तेदार को ज़बरदस्ती रिहैब भेजें?
ज़बरदस्ती या बंद करना असुरक्षित और अक्सर ग़ैर-क़ानूनी है। डॉक्टरी परामर्श से शुरू करें; भर्ती ज़रूरी हो तो लाइसेंसशुदा जगह चुनें।
क्या मरीज़ के बिना परिवार परामर्श ले सकता है?
हाँ। परिवार बात कैसे करें, क्या न करें और इलाज की योजना कैसे बनाएँ, इस पर मार्गदर्शन ले सकता है।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- International Standards for the Treatment of Drug Use Disorders (revised edition). UNODC & World Health Organization, 2020.
- mhGAP Intervention Guide for mental, neurological and substance use disorders in non-specialized health settings, version 2.0. World Health Organization, 2016.
- Magnitude of Substance Use in India. Ministry of Social Justice & Empowerment and NDDTC, AIIMS New Delhi, 2019.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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