बहुत लोग नींद के लिए रात में पीना शुरू करते हैं। शराब से नींद जल्दी आती है पर रात के बाद के हिस्से में नींद टूटती है।
समय के साथ ज़्यादा शराब चाहिए होती है और नींद और ख़राब होती है।
मुख्य बातें
- शराब गहरी और सपनों वाली (REM) नींद की गुणवत्ता घटाती है
- यह खर्राटे और स्लीप एपनिया बढ़ाती है
- छोड़ने पर कुछ समय नींद और बिगड़ती है
लक्षण और संकेत
- पीने के बाद रात 2–4 बजे जागना
- लंबी नींद के बाद भी ताज़गी न होना
- सोने के लिए पीने की ज़रूरत
कारण
- नींद लाने वाला असर उतरने पर जागना
- पानी की कमी और पेशाब के लिए उठना
- टॉलरेंस
जोखिम कारक
- तनाव, घबराहट, शिफ़्ट में काम
- ज़्यादा उम्र
- नींद की गोली के साथ — ख़तरनाक
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- रात का पीना बंद करें; 1–3 हफ़्ते में नींद सुधरने की उम्मीद
- सोने की दिनचर्या और CBT-I
- घबराहट या डिप्रेशन का इलाज
- रोज़ पीने से छोड़ना असुरक्षित हो तो डॉक्टरी मदद
विशेषज्ञ से कब मिलें
- शराब के बिना नींद न आना
- तेज़ खर्राटे और साँस रुकना
- सुबह कंपकंपी या पसीना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रात में एक पेग नुकसान रहित है?
थोड़ी मात्रा भी नींद की गुणवत्ता पर असर डालती है और आदत बन सकती है; यह नींद का इलाज नहीं है।
इसकी जगह क्या मदद करता है?
सोने का नियमित समय, आराम की दिनचर्या, कम कैफ़ीन और अनिद्रा के लिए CBT।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Alcohol — fact sheet. World Health Organization.
- Behavioral and psychological treatments for chronic insomnia disorder in adults: an American Academy of Sleep Medicine clinical practice guideline. Journal of Clinical Sleep Medicine, 2021.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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