अफ़ीम, डोडा पोस्त, स्मैक और हेरोइन की लत का इलाज
राजस्थान में अफ़ीम और डोडा पोस्त से लेकर स्मैक-हेरोइन तक, ओपिऑइड की लत आम है। विदड्रॉल बहुत तकलीफ़देह होता है, इसीलिए लोग नशा जारी रखते हैं।
आधुनिक दवाओं से विदड्रॉल आरामदायक बनता है और व्यक्ति लंबे समय तक स्थिर रह सकता है।
चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
आम लक्षण
- छोड़ने पर बदन दर्द, जम्हाई, नाक बहना, रोंगटे खड़े होना
- दस्त, नींद न आना, बेचैनी
- 'सामान्य' काम के लिए रोज़ की ज़रूरत
- बढ़ती मात्रा और ख़र्च
- इंजेक्शन से नशा (HIV/हेपेटाइटिस का बड़ा ख़तरा)
- कब्ज़, वज़न कम होना, यौन इच्छा में कमी
कारण
- समारोहों में अफ़ीम/डोडा का पारंपरिक या सामाजिक सेवन
- दर्द, मेहनत वाले काम या लंबी ड्राइविंग के लिए सेवन
- युवाओं में दोस्तों का असर (स्मैक/हेरोइन)
जोखिम बढ़ाने वाली बातें
- सामाजिक मौक़ों पर अफ़ीम और डोडा पोस्त का आसानी से मिलना
- दर्द, थकान या लंबे घंटे काम के लिए ओपिऑइड लेना
- इंजेक्शन से नशा
निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है
- किस तरह का ओपिऑइड, कैसे लेते हैं, रोज़ की मात्रा और छोड़ने के लक्षण
- ज़रूरत हो तो पेशाब की जाँच; इंजेक्शन से नशे के बाद HIV, हेपेटाइटिस B व C की जाँच
वर्गीकरण: ICD-10 F11 · ICD-11 6C43
इलाज के विकल्प
- 1विदड्रॉल नियंत्रित करने वाली दवाओं से आरामदायक डिटॉक्स
- 2उपयुक्त होने पर लंबे समय की स्थिरता के लिए ओपिऑइड सब्स्टिट्यूशन थेरेपी
- 3डिटॉक्स के बाद दोबारा नशा रोकने के लिए तलब कम करने वाली दवाएँ
- 4इंजेक्शन लेने वालों के लिए HIV, हेपेटाइटिस B/C जाँच
- 5काउंसलिंग, परिवार का सहयोग और नियमित फॉलो-अप
साइकोथेरेपी और काउंसलिंग
- रिलैप्स प्रिवेंशन काउंसलिंग और जीवनशैली में बदलाव
- परिवार की काउंसलिंग और रोज़गार में मदद
परिवार के लिए मार्गदर्शन
- ओवरडोज़ के संकेत जानें: बहुत धीमी साँस, नीले होंठ, जगाने पर न जागे — 112 पर कॉल करें
- कुछ समय नशा छोड़ने के बाद सहनशक्ति घट जाती है और पुरानी मात्रा जानलेवा हो सकती है
मनोचिकित्सक से कब मिलें
- रोज़ सेवन या छोड़ने पर विदड्रॉल
- इंजेक्शन से किसी भी तरह का नशा
- ओवरडोज़ के संकेत: बेहोशी, धीमी साँस, नीले होंठ — 112 पर कॉल करें
ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।
निःशुल्क स्व-जाँच
हिंदी या अंग्रेज़ी में छोटी जाँच। पूरी तरह निजी — कुछ भी सेव नहीं होता। स्क्रीनिंग से निदान नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सब्स्टिट्यूशन थेरेपी एक नशे की जगह दूसरा नशा है?
नहीं। यह डॉक्टर की देखरेख वाली नियंत्रित दवा है जो बिना 'नशे' के तलब और विदड्रॉल रोकती है, जिससे सामान्य ज़िंदगी संभव होती है। WHO इसकी सलाह देता है।
क्या सालों से अफ़ीम लेने वाले बुज़ुर्गों का इलाज हो सकता है?
हाँ — धीरे-धीरे, नरमी से कमी और दूसरी बीमारियों का ध्यान रखते हुए।
क्या मेरे इलाज के बारे में किसी को पता चलेगा?
नहीं। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के तहत इलाज पूरी तरह गोपनीय है। आपकी अनुमति के बिना जानकारी नौकरी देने वाले, पुलिस या किसी और को नहीं दी जाती।
मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।
अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।
यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।
