चरस की लत: कैनाबिस का तेज़ रूप
चरस (हशीश, "हैश") कैनाबिस पौधे से इकट्ठा की गई राल है। यह गांजे से ज़्यादा गाढ़ी होती है, इसलिए दिमाग़ पर असर भी तेज़ होता है।
जो युवा रोज़ तेज़ असर वाला कैनाबिस लेते हैं उनमें साइकोसिस का ख़तरा साफ़ तौर पर ज़्यादा होता है।
चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
आम लक्षण
- तंबाकू मिलाकर रोज़ पीना
- इस्तेमाल के बाद शक, घबराहट या अलगाव महसूस होना
- भूलना, प्रेरणा की कमी, लोगों से दूरी
कारण
- साथियों का इस्तेमाल, यात्रा और पार्टी का माहौल
- तनाव, ऊब या नींद की समस्या से निपटने के लिए
जोखिम बढ़ाने वाली बातें
- किशोरावस्था में शुरुआत और रोज़ इस्तेमाल
- परिवार में सिज़ोफ्रेनिया या बाइपोलर का इतिहास
निर्भरता (लत) के संकेत
- तेज़ तलब और मात्रा पर नियंत्रण न रहना
- उसी असर के लिए ज़्यादा मात्रा चाहिए (टॉलरेंस)
- सेहत, पैसे या परिवार को नुकसान के बावजूद जारी रखना
- आराम या सामान्य महसूस करने के लिए चरस की ज़रूरत
छोड़ने पर होने वाले लक्षण (विड्रॉल)
- चिड़चिड़ापन, ग़ुस्सा, घबराहट और बेचैनी
- ख़राब नींद और अजीब सपने, भूख कम
- आमतौर पर पहले हफ़्ते में सबसे ज़्यादा और 2–4 हफ़्ते में शांत
सेहत पर असर
- साइकोसिस (शक, आवाज़ें सुनना), ख़ासकर ज़्यादा या तेज़ असर वाले रूपों से
- कमज़ोर याददाश्त, ध्यान और प्रेरणा; पढ़ाई या काम में गिरावट
- एंग्ज़ाइटी, घबराहट और डिप्रेशन; तंबाकू के साथ पीने पर फेफड़ों में जलन
- नशे में गाड़ी चलाने पर सड़क दुर्घटनाएँ
- तंबाकू मिलाने से निकोटीन की लत
दोबारा नशा शुरू होने से बचाव
- ट्रिगर पहचानें — लोग, जगहें, तनाव, शादी-समारोह, तनख़्वाह का दिन — और उनके लिए योजना बनाएँ
- ठीक महसूस होने पर भी दवा और फॉलो-अप जारी रखें
- पुरानी आदतों की जगह नई: व्यायाम, काम, धार्मिक या सामाजिक गतिविधियाँ
- एक बार फिसलना हार नहीं — छिपाने के बजाय जल्दी डॉक्टर से संपर्क करें
निदान (डायग्नोसिस) कैसे होता है
- इस्तेमाल और किसी भी साइकोटिक या मूड लक्षण की जानकारी
- ज़रूरत हो तो पेशाब में नशे की जाँच
वर्गीकरण: ICD-10 F12 · ICD-11 6C41
इलाज के विकल्प
- 1मोटिवेशनल काउंसलिंग और छोड़ने की योजना
- 2ज़रूरत हो तो छोड़ते समय नींद या घबराहट के लिए थोड़े समय की दवाएँ
- 3साइकोसिस, डिप्रेशन या एंग्ज़ाइटी हो तो उसका इलाज
- 4जहाँ हो सके साथ में तंबाकू छोड़ने में मदद
साइकोथेरेपी और काउंसलिंग
- CBT और मोटिवेशनल एनहांसमेंट थेरेपी
- रिलैप्स-प्रिवेंशन काउंसलिंग
परिवार के लिए मार्गदर्शन
- जब व्यक्ति होश में हो तब बात करें; बिना गाली या धमकी के चिंता जताएँ
- ऐसे पैसे न दें जो नशे में जा सकते हैं; नतीजों पर पर्दा न डालें
- घर पर अपने आप नशा छुड़ाने या कमरे में बंद करने की कोशिश न करें — डॉक्टरी मदद लें
- अपनी सेहत का भी ध्यान रखें; फ़ैमिली काउंसलिंग सबकी मदद करती है
मनोचिकित्सक से कब मिलें
- इस्तेमाल रुकने के बाद भी शक या आवाज़ें — तुरंत
- कोशिश के बावजूद रुक न पाना
ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार या मेडिकल इमरजेंसी? Tele-MANAS 14416 (24×7, निःशुल्क) या 112 पर कॉल करें।
निःशुल्क स्व-जाँच
हिंदी या अंग्रेज़ी में छोटी जाँच। पूरी तरह निजी — कुछ भी सेव नहीं होता। स्क्रीनिंग से निदान नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चरस गांजे से तेज़ है?
आमतौर पर हाँ — इसमें THC ज़्यादा होता है, जो लत और साइकोसिस से जुड़ा रसायन है।
क्या नशा मुक्ति का इलाज ऑनलाइन हो सकता है?
जाँच, दवाएँ, काउंसलिंग और फॉलो-अप अक्सर वीडियो से हो सकते हैं। गंभीर विड्रॉल, दूसरी गंभीर बीमारी या घर पर सहारा न होने पर नज़दीकी अस्पताल में भर्ती की ज़रूरत हो सकती है — आपको बताया जाएगा।
क्या मेरा इलाज गोपनीय रहेगा?
हाँ। आपका परामर्श और रिकॉर्ड गोपनीय हैं। नशे का इलाज लेना सेहत से जुड़ा फ़ैसला है।
मदद उपलब्ध है — पूरी गोपनीयता के साथ, हिंदी या अंग्रेज़ी में।
अजमेर स्थित मनोचिकित्सक से भारत में कहीं से भी निजी वीडियो परामर्श। मनोरोग परामर्श ₹500।
यह पेज केवल जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।
