भारत के टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस दिशानिर्देशों के तहत ऑनलाइन परामर्श मान्य है।
इससे सफ़र बचता है, समय बचता है और छोटे शहरों के लोगों को निजता मिलती है।
मुख्य बातें
- डिप्रेशन, चिंता, OCD, अनिद्रा और फ़ॉलो-अप में असरदार
- आपातकाल में आमने-सामने देखभाल चाहिए
- निजी, शांत जगह ज़रूरी है
लक्षण और संकेत
- दूरी या सफ़र से नियमित जाना कठिन
- क्लिनिक में देखे जाने की चिंता
- व्यस्त काम या पढ़ाई
कारण
- कई ज़िलों में विशेषज्ञों की कमी
- छोटे समुदायों में कलंक
- चलने-फिरने की दिक़्क़त या देखभाल की ज़िम्मेदारी
जोखिम कारक
- ख़राब इंटरनेट या रुकावटें
- घर पर निजता की कमी
- शारीरिक जाँच की ज़रूरत वाली स्थितियाँ
प्रमाण-आधारित प्रबंधन
- ईयरफ़ोन और ऐसा कमरा जहाँ कोई न सुने
- 10 मिनट पहले कैमरा और इंटरनेट जाँचें
- पुराने पर्चे और रिपोर्ट तैयार रखें
- वीडियो कटे तो बैकअप फ़ोन नंबर तय करें
विशेषज्ञ से कब मिलें
- थेरेपी आपकी स्थिति के लिए सही है या नहीं, इस पर बात करने के लिए परामर्श बुक कर सकते हैं
- शारीरिक जाँच या टेस्ट की ज़रूरत — आमने-सामने
- ख़ुद को नुकसान के विचारों में तुरंत मदद चाहिए, इंतज़ार नहीं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऑनलाइन दवा लिखी जा सकती है?
हाँ, टेलीमेडिसिन दिशानिर्देशों के अंदर; कुछ दवा श्रेणियाँ ऑनलाइन नहीं लिखी जा सकतीं।
क्या ऑनलाइन थेरेपी निजी है?
सत्र गोपनीय होते हैं; अपनी तरफ़ भी निजी जगह चुनें।
चिकित्सा संदर्भ
इस लेख के लिए उपयोग किए गए दिशानिर्देश और आधिकारिक स्रोत।
- Telemedicine Practice Guidelines. Ministry of Health and Family Welfare, Government of India, 2020.
- Tele-MANAS — National Tele Mental Health Programme. Ministry of Health and Family Welfare, Government of India.
- लेखक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MBBS, MD Psychiatry
- चिकित्सा समीक्षक
- डॉ. कुलदीप बुडानिया, MD Psychiatry
- अंतिम समीक्षा
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
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